संसद ने सार्वजनिक प्रसारण प्रणाली में व्यापक सुधारों को मंजूरी दे दी है। इस सुधार के तहत प्रसारण निगमों के प्रबंधन और वित्तपोषण में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य प्रसारण की गुणवत्ता में सुधार लाना और इसे अधिक जवाबदेह बनाना है। नए नियमों के अनुसार, प्रसारण निगमों को अब सरकार से अधिक स्वायत्तता मिलेगी, लेकिन उनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी। विपक्ष ने इस सुधार को लेकर चिंता व्यक्त की है, उनका मानना है कि इससे सरकार का नियंत्रण बढ़ सकता है। हालांकि, सरकार ने विपक्ष की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि यह सुधार प्रसारण प्रणाली को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। इन सुधारों से देश में मीडिया परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।