मनोवैज्ञानिक विक्टर क्रिज़ो का कहना है कि माता-पिता अपने बच्चों द्वारा सोशल मीडिया पर देखी जाने वाली सामग्री से अनजान हैं। उन्होंने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए एक आवश्यक कदम बताया है। क्रिज़ो के अनुसार, बच्चों को खेलने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है और सोशल मीडिया से मिलने वाला डोपामाइन उनके मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर रहा है। उनका मानना है कि सोशल मीडिया बच्चों के लिए शराब और तंबाकू जितना ही हानिकारक हो सकता है। यह प्रतिबंध बच्चों को ऑनलाइन शिकारियों, साइबरबुलिंग और अनुचित सामग्री से बचाने में मदद कर सकता है। क्रिज़ो ने इस मुद्दे पर और अधिक जागरूकता फैलाने और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह कदम बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
