जाने-माने न्यूरोसाइकियाट्रिस्ट अल्बिनो ओलिवेरा-माईया, शैम्पालीमाउड फाउंडेशन में, गंभीर डिप्रेशन और अन्य मानसिक बीमारियों के इलाज के लिए साइकेडेलिक दवाओं का उपयोग कर रहे हैं। उनका मानना है कि ये दवाएं मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डालती हैं, जिसके कारण नैतिक सीमाओं पर विचार करना महत्वपूर्ण है। ओलिवेरा-माईया इस बात पर जोर देते हैं कि इस तरह के उपचारों के साथ सावधानी बरतना आवश्यक है, क्योंकि मस्तिष्क पर इनका जटिल प्रभाव पड़ता है। साइकेडेलिक्स का उपयोग पारंपरिक उपचारों के प्रति प्रतिक्रिया न देने वाले रोगियों के लिए एक संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। यह शोध मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान कर सकता है, लेकिन इसके नैतिक निहितार्थों पर गहन विचार-विमर्श की आवश्यकता है। इस प्रयोग से मानसिक रोगों के इलाज में नई उम्मीदें जागी हैं, लेकिन सुरक्षा और नैतिक पहलुओं को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है।