आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, पाकिस्तान के प्रांतों के विकास कार्यों के लिए आवंटित निधि जारी रहने की संभावना नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा प्रांतों को जारी की जाने वाली इस निधि पर रोक अगले वित्तीय वर्ष से भी आगे बढ़ सकती है। सर्वेक्षण में बताया गया है कि संघीय सरकार के पास वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इस रोक का सीधा असर प्रांतों में चल रहे विकास परियोजनाओं पर पड़ेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों में मंदी आ सकती है। संघीय सरकार और प्रांतीय सरकारों के बीच इस मुद्दे पर सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति से प्रांतों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और क्षेत्रीय असमानताएं बढ़ सकती हैं। इस मुद्दे पर जल्द से जल्द समाधान निकालने की आवश्यकता है ताकि विकास कार्य सुचारू रूप से चल सकें।