गत 27 जुलाई को, एक निर्माण कंपनी ने तीन विशाल कॉटनवुड पेड़ काट दिए, जिससे विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। यह प्रदर्शन २०० साल पुराने एक पेड़ को बचाने के लिए किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पेड़ क्षेत्र की धरोहर है और इसे संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया है कि कंपनी बिना अनुमति के पेड़ काट रही है। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों से हस्तक्षेप करने और पेड़ को बचाने की मांग की है। कंपनी ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। यह घटना पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास के बीच संघर्ष को उजागर करती है।