पिछले सितंबर में हुए प्रदर्शनों के दौरान हुए नुकसान के लिए बीमा कंपनियों में किए गए 23.53 अरब रुपये के दावों में से अब तक केवल 7.62 अरब रुपये का ही भुगतान किया गया है। लगभग नौ महीने बाद भी, केवल एक तिहाई दावों का ही निपटान हो पाया है। बीमा कंपनियों का कहना है कि मूल्यांकन लंबित रहने और कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण भुगतान में देरी हो रही है। प्रभावित लोगों को मुआवज़ा मिलने में हो रही देरी से चिंता बढ़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे दावों के तेजी से निपटान के लिए बीमा कंपनियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। हालांकि, प्रक्रिया धीमी रहने से पीड़ितों को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और अधिक दावों का निपटान किया जा सकेगा।