राज्य सुधार आंदोलन ने 2026-27 वित्तीय वर्ष के प्रस्तावित बजट को लूट, पलायन और उत्पादन विरोधी बताया है। आंदोलन का आरोप है कि यह बजट कुछ लोगों के लाभ के लिए बनाया गया है और इससे देश के आर्थिक विकास में बाधा आएगी। उन्होंने रोजगार सृजन पर आधारित एक वैकल्पिक बजट प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया है। आंदोलन का कहना है कि प्रस्तावित बजट में आम नागरिकों की जरूरतों को अनदेखा किया गया है और यह केवल कुछ विशेष उद्योगों को लाभान्वित करेगा। उनका वैकल्पिक बजट रोजगार के अवसरों को बढ़ाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। आंदोलन ने सरकार से बजट पर पुनर्विचार करने और जनता के हित में बदलाव करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि एक न्यायसंगत और टिकाऊ बजट देश के भविष्य के लिए आवश्यक है।