सूखे और जल संकट की स्थिति में, पैगंबर मुहम्मद (सल्ल.) ने अपने उम्मत को बारिश के लिए अल्लाह से दुआ करने का तरीका सिखाया था। यह दुआ कई हदीसों में दर्ज है और मुसलमानों के लिए एक महत्वपूर्ण अभ्यास है। पैगंबर ने सिखाया कि सूखे की स्थिति में, अल्लाह से बारिश की मांग की जाए और इस विपदा से राहत पाने के लिए प्रार्थना की जाए। ये दुआएं अल्लाह के प्रति विश्वास और निर्भरता को दर्शाती हैं। इस दुआ को पढ़ने से अल्लाह की कृपा और दया प्राप्त होने की उम्मीद है। यह भी माना जाता है कि सामूहिक प्रार्थना का अधिक प्रभाव होता है। हदीसों में वर्णित इस दुआ का अभ्यास आज भी दुनिया भर के मुसलमान करते हैं।