पैग़म्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) द्वारा नियमित रूप से की जाने वाली एक सुन्नत इबादत सुबह की सुन्नत नमाज़ (क़ब्लीय्या सुब्ह) है। यह एक ऐसी नमाज़ है जिसे करने की विशेष अनुशंसा की जाती है। इस नमाज़ में बहुत बड़ी बरकत और फ़ज़ीलतें हैं, जो दुनिया और आख़िरत दोनों के लिए लाभकारी हैं। कहा जाता है कि सुबह की नमाज़ का महत्व दुनिया और उसकी तमाम चीज़ों से बढ़कर है। यह नमाज़ अल्लाह के करीब जाने और उसकी रहमत हासिल करने का एक शानदार तरीका है। यह नमाज़ दिल को शांति और सुकून से भर देती है।

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