पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने अपने जीवनकाल में कई तरह के खेल खेले थे। इन खेलों का उद्देश्य शारीरिक शक्ति और तंदुरुस्ती के साथ-साथ मानसिक खुशी प्राप्त करना था। इतिहासकारों के अनुसार, उन्होंने तीरंदाजी, घुड़सवारी, कुश्ती और दौड़ जैसे खेलों में रुचि ली। ये खेल न केवल मनोरंजन का साधन थे, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का भी एक तरीका थे। पैगंबर मुहम्मद ने अपने अनुयायियों को भी इन खेलों को खेलने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे स्वस्थ और मजबूत रह सकें। इन खेलों के माध्यम से साहस, अनुशासन और टीम वर्क जैसे गुणों का भी विकास होता था। आज भी, ये खेल इस्लामी संस्कृति में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।