सरकार ने काले धन को वैध बनाने के प्रयासों पर अंकुश लगाने के लिए नए कानून लागू किए हैं। इन कानूनों के तहत, रियल एस्टेट एजेंटों, वकीलों, अकाउंटेंट और अन्य पेशेवरों को अब संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट करना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले, ये पेशेवर इस तरह की रिपोर्टिंग से मुक्त थे। यह कदम संपत्ति के माध्यम से अवैध रूप से अर्जित धन को छुपाने की गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वित्तीय अपराधों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। इन कानूनों के लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और बेनामी संपत्ति पर भी लगाम कसेगा। सरकार का लक्ष्य धन शोधन को रोकना और वित्तीय प्रणाली की अखंडता को बनाए रखना है।