कंपनी के स्वामित्व वाली संपत्ति खरीदने पर खरीदारों को २०% अधिक कर देना पड़ सकता है। यह लेनदेन सामान्य संपत्ति खरीद से अलग होता है और इसमें विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। संपत्ति खरीदते समय, यह जांचना महत्वपूर्ण है कि विक्रेता कंपनी कानूनी रूप से पंजीकृत है या नहीं और संपत्ति पर कोई कानूनी विवाद तो नहीं है। कर संबंधी दायित्वों को समझना भी आवश्यक है, क्योंकि कंपनी के स्वामित्व वाली संपत्ति पर कर की दरें अधिक हो सकती हैं। खरीदारों को संपत्ति के दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करनी चाहिए और कानूनी सलाह लेनी चाहिए। संपत्ति खरीदने से पहले सभी पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है ताकि भविष्य में किसी भी परेशानी से बचा जा सके। इस तरह के सौदों में पारदर्शिता और उचित जांच महत्वपूर्ण है।