रूस में, प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी विक्टर कज़ाकोव को युद्ध के विरोध में उनके विचारों के लिए दोषी ठहराया गया है। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि नोवोउरलस्क आधिकारिक तौर पर आक्रमण का समर्थन करता है, लेकिन फिर भी कई लोग युद्ध का विरोध करते हैं। यह घटना रूस में चल रहे असंतोष और स्वतंत्र अभिव्यक्ति पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है। कज़ाकोव का मामला दर्शाता है कि युद्ध के खिलाफ बोलने वालों को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। इस फैसले से रूस में बोलने की आज़ादी पर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह विरोध की आवाजों को दबाने के सरकारी प्रयासों का संकेत है। यह स्थिति नोवोउरलस्क और अन्य शहरों में छिपे असंतोष को उजागर करती है।