एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग जीवाणु संक्रमण से लड़ने में प्रभावी होता है, लेकिन इनके दुष्प्रभाव आंत के स्वास्थ्य पर पड़ सकते हैं। कई मरीज़ इस बात से चिंतित हैं कि एंटीबायोटिक दवाओं से आंत के सूक्ष्मजीवों का संतुलन बिगड़ सकता है। आमतौर पर, एंटीबायोटिक के साथ प्रोबायोटिक लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन विशेषज्ञों की राय इस पूरक की प्रभावशीलता को लेकर बंटी हुई है। अमेरिकी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि सभी एंटीबायोटिक उपचारों के साथ प्रोबायोटिक की आवश्यकता नहीं होती। प्रोबायोटिक का उपयोग कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में ही फायदेमंद हो सकता है, जैसे कि एंटीबायोटिक के कारण होने वाला डायरिया। व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति और एंटीबायोटिक के प्रकार के आधार पर, डॉक्टर ही उचित सलाह दे सकते हैं।