स्वीडन के चुनावों को निशाना बनाकर एक समर्थक-रूसी ट्रोल नेटवर्क ने गलत सूचना फैलाई है। इस नेटवर्क ने चुनाव में धांधली के झूठे आरोप लगाए हैं और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन पर भी झूठे आरोप लगाए हैं। प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन ने एसवीटी को बताया कि यह गतिविधि पूरे यूरोप में देखी जा रही है, और रूस उन देशों को निशाना बना रहा है जो यूक्रेन का समर्थन करते हैं। उनका मानना है कि इस अभियान का एक और उद्देश्य भी है, जो अभी स्पष्ट नहीं है। यह अभियान स्वीडन की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास हो सकता है। स्वीडिश सरकार इस खतरे को गंभीरता से ले रही है और इससे निपटने के लिए कदम उठा रही है। यह घटनाक्रम यूरोपीय देशों में रूसी हस्तक्षेप की बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।