बोस्निया में रविवार को हुए चुनावों में राष्ट्रवादी सर्ब बोस्नियाई राजनेता मिलोराद डोडीक की पार्टी ने जीत हासिल की है। यह जीत आर्थिक दबावों, यूरोपीय संघ में शामिल होने की उम्मीदों और 1992-1995 के क्रूर युद्ध से विभाजित देश में जातीय तनावों के बीच आई है। मिलोराद डोडीक ने अपनी पार्टी की जीत की घोषणा करते हुए देश में सर्ब हितों को आगे बढ़ाने की बात कही है। चुनाव परिणामों ने बोस्निया में राजनीतिक अस्थिरता की आशंकाओं को बढ़ा दिया है, क्योंकि देश पहले से ही जातीय विभाजनों से जूझ रहा है। यूरोपीय संघ में शामिल होने की बोस्निया की महत्वाकांक्षाएं भी इस चुनाव परिणाम से प्रभावित हो सकती हैं। विश्लेषकों का मानना है कि डोडीक की वापसी से देश में और अधिक विभाजन हो सकता है और सुधारों की प्रक्रिया धीमी हो सकती है। यह परिणाम बाल्कन क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनावों को भी बढ़ा सकता है।