फिलिस्तीन समर्थक समूहों ने आंतरिक सुरक्षा की वार्षिक रिपोर्ट (RASI) में दिए गए विवरणों पर आपत्ति जताई है। इस रिपोर्ट में यहूदी विरोधी हिंसा की घटनाओं में वृद्धि की चेतावनी दी गई है। साथ ही, रिपोर्ट में प्रोग्रेसिव समूहों और 'अति-वामपंथ' के बीच संबंधों का उल्लेख किया गया है। इन समूहों का तर्क है कि रिपोर्ट में दी गई जानकारी त्रुटिपूर्ण हो सकती है। वे अब इस रिपोर्ट की गहन समीक्षा और सुधार की मांग कर रहे हैं। यह विवाद सुरक्षा आकलन और राजनीतिक विचारधाराओं के बीच के टकराव को दर्शाता है। वर्तमान में इन समूहों का मुख्य उद्देश्य रिपोर्ट के दावों को चुनौती देना है।