फ़िदेज़ से संबद्ध मीडिया संस्थानों में छंटनी जारी है। सरकारी धन के अभाव में संघर्ष कर रहे संपादकीय कार्यालयों को निजी निवेशकों से कोई समर्थन नहीं मिल रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अरबपति निवेशक मदद के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन और व्यवसायी लőrinc मेस्ज़ारोस पाठकों के प्रति कृतज्ञ नहीं हैं। मेस्ज़ारोस पर ज़ेबराओं को खिलाने में अधिक रुचि रखने का आरोप है, बजाय इसके कि वे संकटग्रस्त मीडिया को सहायता प्रदान करें। यह स्थिति फ़िदेज़ मीडिया के भविष्य पर सवाल खड़े करती है और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए चिंता पैदा करती है। इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
