जेलों में हो रहे जबरन वसूली के मामलों को रोकने के लिए सरकार ने इंटरनेट, 5जी और सैटेलाइट सिग्नल को जाम करने की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत परीक्षण शुरू हो चुके हैं, लेकिन यह कई चुनौतियों का सामना कर रही है। पुरानी तकनीक, व्यवस्थित भ्रष्टाचार और कानूनी खामियां इस पहल की राह में रोड़े बन सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी रूप से सिग्नल को पूरी तरह से जाम करना मुश्किल है। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार के कारण उपकरणों की खरीद और रखरखाव में भी समस्याएं आ सकती हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना को लागू करने के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचे की आवश्यकता है, जो अभी मौजूद नहीं है। सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रयासरत है, लेकिन सफलता की कोई गारंटी नहीं है।