जापान में, लोग तेजी से सवाल उठा रहे हैं कि राजकुमारी आइको कभी साम्राज्ञी क्यों नहीं बन पाएंगी। एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, 72 प्रतिशत जापानी इस बात का समर्थन करते हैं कि किसी महिला को सिंहासन पर बैठने की अनुमति दी जानी चाहिए। यह जापान के शाही परिवार में उत्तराधिकार के नियमों पर एक महत्वपूर्ण बहस को दर्शाता है। सदियों से, जापान में केवल पुरुषों को ही उत्तराधिकारी बनने की अनुमति दी गई है, लेकिन जनमत बदल रहा है। राजकुमारी आइको, प्रिंस अकिशिनो और राजकुमारी किको की बेटी, व्यापक रूप से लोकप्रिय हैं, जिससे वे सिंहासन के लिए एक संभावित उम्मीदवार बन गई हैं। हालांकि, मौजूदा नियम महिलाओं को उत्तराधिकार से रोकते हैं, जिससे एक अनिश्चित भविष्य की ओर इशारा मिलता है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय चर्चा जारी है, जिसमें कई लोग शाही कानून में संशोधन करने का आह्वान कर रहे हैं।