प्रधानमंत्री कार्यालय ने चेतावनी जारी की है कि प्रधानमंत्री के नाम का इस्तेमाल करके लोगों से गोपनीय समझौते भरने के लिए संपर्क किया जा रहा है। यह एक धोखाधड़ी का प्रयास है। कार्यालय ने जनता से ऐसे संदेशों और ईमेलों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया है। इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और धोखेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकार किसी भी तरह के गोपनीय समझौते के लिए व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध संदेश या ईमेल को अनदेखा करें और इसकी सूचना तुरंत दें। यह धोखाधड़ी का तरीका नया नहीं है, पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।