प्रधानमंत्री के सलाहकार, योनाथन उरीच ने न्यायालय के उस फैसले पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है जिसमें अभियोजन द्वारा उन पर लगाए गए प्रतिबंधों के अनुरोध को खारिज कर दिया गया। उरीच ने स्पष्ट रूप से कहा कि अभियोजन पक्ष फिर से हार गया है। न्यायालय ने अभियोजन के उस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था जिसमें उरीच पर यात्रा और संचार संबंधी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। यह मामला एक जांच से जुड़ा है, जिसके विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उरीच के बयान से पता चलता है कि वह मामले में अपनी बेगुनाही पर विश्वास रखते हैं और अभियोजन के प्रयासों को विफल मानते हैं। इस फैसले के बाद, उरीच अब बिना किसी प्रतिबंध के अपनी गतिविधियों को जारी रख सकते हैं। अभियोजन पक्ष इस फैसले के खिलाफ अपील करने पर विचार कर सकता है।