न्यूज़रूम की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री लक्सॉन ने संरक्षण भूमि की बिक्री को लेकर बढ़ते विरोध के बाद विधेयक में बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव उन आलोचकों के बाद आया है जिन्होंने भूमि बिक्री के फैसले की तीखी आलोचना की थी। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि यह प्रस्ताव मात्र एक दिखावा है और इससे विधेयक में पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों से अधिक सुरक्षा नहीं मिलेगी। उनका कहना है कि प्रस्तावित बदलाव वास्तविक संरक्षण प्रदान करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में बहस जारी है, और यह देखना बाकी है कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है। विधेयक में प्रस्तावित बदलावों की विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है कि संरक्षण भूमि की बिक्री का मुद्दा एक संवेदनशील विषय बना हुआ है।
