फिल्म "प्रेशर" (Día D: Bajo presión) इस गुरुवार को रिलीज़ हो रही है, जिसकी कहानी द्वितीय विश्व युद्ध के डी-डे पर केंद्रित है। यह फिल्म 72 घंटों के तनाव और अनिश्चितता को दर्शाती है, जब एक मौसम की भविष्यवाणी और एक महत्वपूर्ण सैन्य निर्णय ने इतिहास बदल दिया। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक व्यक्ति ने राष्ट्रपति आइजनहावर के फैसले को चुनौती दी थी। यह डी-डे की घटनाओं के अंदरूनी पहलुओं को उजागर करती है। “प्रेशर” युद्ध के दौरान के दबाव और जोखिमों को दिखाती है, जहाँ एक गलत निर्णय का परिणाम विनाशकारी हो सकता था। निर्देशक एंथनी मारस ने बताया कि उन्होंने इस कहानी को सिनेमा तक लाने का फैसला क्यों किया। यह फिल्म ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित एक रोमांचक नाट्य प्रस्तुति है।