कोलंबिया के राष्ट्रपति और उनके कुछ प्रमुख समर्थकों पर मिलीनेरियलिज़्म के आरोप लगे हैं। लेख में कहा गया है कि राष्ट्रपति और उनके अनुयायी “नोह की नाव” जैसे बचकाने और अस्पष्ट प्रतीकों का उपयोग कर रहे हैं। साथ ही, वे ‘चमत्कार’ जैसे दावों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे चिंता उत्पन्न हो रही है। यह लेख ‘ला सिल्ला वाकिया’ नामक प्रकाशन में छपा है। यह स्थिति एक असहनीय और पुरानी प्रवृत्ति की ओर इशारा करती है। लेख में इन दावों और प्रतीकों की आलोचना की गई है, तथा इस तरह के बयानों के संभावित नकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डाला गया है। इस प्रकार के राजनीतिक बयानबाजी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।