राष्ट्रपति करोल नवा rockी ने 15 अगस्त के समारोह में देशभक्तिपूर्ण शिक्षा के कारण "मोंटे कैसिनो के महान रक्षकों" की प्रशंसा की। हालाँकि, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, पोलैंड ने जर्मनों के हाथों से मोंटे कैसिनो को वापस लिया था। राष्ट्रपति का बयान ऐतिहासिक रूप से गलत था क्योंकि पोलिश सेना ने मोंटे कैसिनो की लड़ाई में जर्मन सेना से युद्ध किया था, न कि उसका बचाव। यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है, जहाँ कई लोगों ने राष्ट्रपति की गलती पर निराशा व्यक्त की है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे को उठाया है, राष्ट्रपति से माफी की मांग की है। राष्ट्रपति कार्यालय ने अभी तक इस गलती पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस त्रुटि ने पोलिश इतिहास के बारे में जागरूकता और सटीकता के महत्व पर प्रकाश डाला है।