राष्ट्रपति ने ध्वज कानून पर वीटो का प्रयोग किया है, जिससे संसद में विभाजन हो गया है। यह राष्ट्रपति द्वारा लगाया गया पहला राजनीतिक वीटो है। राष्ट्रपति ने मानवीय कारणों और पार्टी की स्थिति के बीच अंतर करते हुए कानून में कानूनी कमियों को उजागर किया है। यह कानून अप्रैल में पारित किया गया था। राष्ट्रपति के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। विपक्षी दलों ने इस वीटो का स्वागत किया है, जबकि सत्ताधारी दल में असंतोष है। इस वीटो के कारण संसद में आगे की कार्यवाही पर अनिश्चितता बनी हुई है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उनका निर्णय किसी राजनीतिक विचारधारा से प्रेरित नहीं है, बल्कि कानून की खामियों को दूर करने का प्रयास है।