राष्ट्रपति भवन ने पूर्व उपराष्ट्रपति अतीकु अबुबकर द्वारा पेट्रोल सब्सिडी पर व्यक्त की गई विरोधाभासी बातों पर कड़ी आलोचना की है। राष्ट्रपति भवन ने अतीकु की 'लक्षित सब्सिडी' योजना पर स्पष्टता मांगी है और इसके आर्थिक प्रभावों पर सवाल उठाए हैं। सरकार का कहना है कि अतीकु का रुख भ्रमित करने वाला है और जनता को गुमराह कर सकता है। यह आलोचना ऐसे समय में आई है जब देश में ईंधन की कीमतों और सब्सिडी को लेकर गहन बहस चल रही है। राष्ट्रपति भवन ने अतीकु से अपने प्रस्ताव को स्पष्ट करने और देश को सही जानकारी देने का आग्रह किया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और विपक्षी दलों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। यह घटना आगे की राजनीतिक चर्चाओं और नीतिगत निर्णयों को प्रभावित कर सकती है।

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