हाल के वर्षों में प्रेडिक्टिव टेक्स्ट और ऑटोकरेक्ट की गुणवत्ता में गिरावट आई है, यह बात अब व्यापक रूप से सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार गलत सुझावों और 'भ्रम' (hallucinations) की शिकायत कर रहे हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि हालांकि गुणवत्ता में कमी आई है, लेकिन फ़ोनों की बढ़ती जटिलता के कारण ये गलतियाँ अधिक दिखाई दे रही हैं। पहले ये त्रुटियां कम ध्यान में आती थीं। प्रेडिक्टिव टेक्स्ट की कार्यक्षमता में यह बदलाव यूजर्स के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। विशेषज्ञ इस गिरावट के कारणों का पता लगाने और सुधार के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। यह मुद्दा तकनीक और भाषा के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को दर्शाता है।