प्रबोवो गार्ड के कानूनी और मानवाधिकार विभाग के प्रमुख अम्री पिलियांग ने हालिया छात्र प्रदर्शनों के तरीके पर कड़ी टिप्पणी की है। उनका मानना है कि वर्तमान में हो रहे कई विरोध प्रदर्शन इंडोनेशियाई राष्ट्र की सभ्य समाज के रूप में पहचान को नहीं दर्शाते हैं। पिलियांग ने छात्रों और युवाओं द्वारा अपनी राय व्यक्त करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं, इसे असभ्य बताते हुए आलोचना की है। उन्होंने प्रदर्शनों के दौरान सभ्यता और सम्मान बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका बयान, विरोध के अधिकार और प्रदर्शनों के आचरण के बीच संतुलन पर बहस को जन्म दे सकता है। यह टिप्पणी इंडोनेशिया में विरोध प्रदर्शनों की संस्कृति और युवाओं की भूमिका के बारे में व्यापक चर्चा का हिस्सा है। पिलियांग का दृष्टिकोण, विरोध प्रदर्शनों के तरीके पर एक रूढ़िवादी रुख दर्शाता है।