ऊर्जा उत्पादक कंपनियों ने एयर-ई (Air-e) के बढ़ते कर्ज को लेकर चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, यह बकाया राशि 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो सकती है। इस वित्तीय संकट के कारण देश की ऊर्जा प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति 'एल नीनो' जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति देश की प्रतिक्रिया क्षमता को कमजोर कर सकती है। ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती यह अस्थिरता बिजली आपूर्ति के प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। वर्तमान में एयर-ई का हस्तक्षेप किया गया है, लेकिन कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। यह संकट न केवल आर्थिक है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी जोखिम पैदा कर रहा है।