पूर्व में आलू की खेती के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक भूमि अब पक्षियों के लिए स्वर्ग बन गई है। सिंचाई के लिए पानी निकालने के कारण बंजर हो चुकी यह भूमि, अब साइबेरिया जैसे दूर देशों से आने वाले पक्षियों को आकर्षित कर रही है। इस परिवर्तन से स्थानीय जैव विविधता में वृद्धि हुई है और यह क्षेत्र पक्षी प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन गया है। अभयारण्य के निर्माण से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी बढ़ावा मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक हो सकती है, जहाँ बंजर भूमि को पुनर्जीवित किया जा सकता है। यह क्षेत्र अब प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बन गया है। इस अभयारण्य में विभिन्न प्रकार के पक्षियों की प्रजातियों को देखा जा सकता है।