पुर्तगाल के सबसे बड़े ट्रेड यूनियन, सीजीटीपी के महासचिव ने आज कहा है कि संसद में श्रम सुधार पैकेज को हराने की पूरी संभावना है। उनका कहना है कि राजनीतिक दलों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और वे अपनी स्थिति के लिए जवाबदेह होंगे। महासचिव ने सरकार पर समय सीमा कम करने का भी आरोप लगाया है। यह पैकेज श्रमिकों के अधिकारों को कमज़ोर करने वाला बताया जा रहा है, जिसके कारण ट्रेड यूनियन इसका कड़ा विरोध कर रहा है। सीजीटीपी का मानना है कि संसद में बहुमत इस पैकेज के खिलाफ है और इसलिए इसे पारित होने से रोका जा सकता है। इस मुद्दे पर संसद में अगले सप्ताह मतदान होने की संभावना है। ट्रेड यूनियन ने सभी दलों से पैकेज के खिलाफ मतदान करने का आग्रह किया है।