उच्च शिक्षा संस्थानों के समन्वय परिषद के अध्यक्ष लुईस लॉरेस ने बताया कि उन्हें अभी तक शिक्षा मंत्रालय से आधिकारिक दस्तावेज प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने इस देरी पर चिंता व्यक्त की है। लॉरेस का तर्क है कि कम परीक्षाएं होने से अधिक उम्मीदवार आवेदन करेंगे। उनका मानना है कि प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए समय पर जानकारी मिलना महत्वपूर्ण है। इस देरी के कारण संस्थानों को भविष्य की योजनाओं को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। लॉरेस ने मंत्रालय से जल्द से जल्द परिणाम जारी करने का आग्रह किया है। यह स्थिति छात्रों और संस्थानों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।