प्रधानमंत्री संसद में दो साप्ताहिक बहस में भाग ले रहे हैं, जो श्रम कानून में प्रस्तावित संशोधनों पर केंद्रित है। यह बहस सरकार द्वारा प्रस्तावित श्रम संहिता के संशोधन पर चर्चा से एक दिन पहले हो रही है, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। प्रस्तावित संशोधन, जो श्रम कानूनों की समीक्षा करते हैं, संसद में महत्वपूर्ण बहस का विषय बने हुए हैं। प्रधानमंत्री को सांसदों के सवालों का जवाब देना होगा और प्रस्तावित परिवर्तनों का बचाव करना होगा। इस बहस का सीधा प्रसारण किया जा रहा है, जिससे जनता को कार्यवाही का अनुसरण करने का अवसर मिल रहा है। सरकार के लिए यह एक महत्वपूर्ण परीक्षण है, क्योंकि उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि संशोधन संसद में समर्थन प्राप्त करें। इस बहस के परिणाम से देश के श्रम बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।