प्रधानमंत्री देश की छवि से निराश हैं और अर्थव्यवस्था के ठोस आँकड़ों को उजागर कर रहे हैं ताकि सब कुछ ठीक दिख सके। हालांकि, उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को नज़रअंदाज़ कर दिया। यह स्थिति इस सवाल को उठाती है कि क्या मोंटेनेग्रो की सफलता को जानबूझकर कम करके आंका जा रहा है। सरकार केवल सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जबकि संभावित चुनौतियों या कमज़ोरियों को अनदेखा किया जा रहा है। यह एकतरफा दृष्टिकोण समग्र तस्वीर को अस्पष्ट कर सकता है। इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष मूल्यांकन की आवश्यकता है ताकि जनता को देश की वास्तविक स्थिति का सही आकलन हो सके। इस तरह की रणनीति आलोचना को कम करने और एक अनुकूल सार्वजनिक धारणा बनाने का प्रयास हो सकता है।