यूरोपीय संसद सदस्य ने लूसा के नए नियमों की वैधता को लेकर एक बार फिर यूरोपीय संघ के नियमों के तहत मीडिया की स्वतंत्रता के संबंध में सवाल उठाया है। लूसा अब पूरी तरह से राज्य के स्वामित्व में है। संसद सदस्य ने यूरोपीय आयोग से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। उनका तर्क है कि राज्य का पूर्ण स्वामित्व मीडिया की स्वतंत्रता को खतरे में डाल सकता है। यह मामला पहले भी ब्रुसेल्स में उठाया जा चुका है। यूरोपीय आयोग से इस मुद्दे पर जवाब की उम्मीद है, जिससे लूसा के भविष्य और यूरोपीय संघ के मीडिया मानकों पर असर पड़ सकता है। इस मामले में आगे की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।