वरिष्ठ पत्रकार रुई पेगो ने पुर्तगाली रेडियो और टेलीविजन (आरटीपी) के निजीकरण की संभावना को ‘एक भारी भूल’ बताया है। उन्होंने लुंडा से लेकर पुर्तगाली रेडियो के अंदरूनी कामकाज तक के अपने अनुभवों के आधार पर यह टिप्पणी की। पेगो ने वर्तमान में बढ़ रहे गलत सूचना के खतरे पर भी प्रकाश डाला। उनका मानना है कि आरटीपी का निजीकरण इस समस्या को और बढ़ा सकता है। उन्होंने डिजिटल माध्यमों के संचार के तरीके को बदलने के प्रभाव पर भी चर्चा की। पेगो के अनुसार, डिजिटल परिवर्तन के बावजूद सार्वजनिक प्रसारण की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। आरटीपी के निजीकरण को लेकर पुर्तगाल में काफी विवाद है, और पेगो इस प्रक्रिया के मुखर आलोचकों में से एक हैं।