आज बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं का दूसरा चरण समाप्त हो गया। कई दिनों के तनाव के बाद, यह मुद्दा राजनीतिक एजेंडे से हट रहा है। हालाँकि, यह देखना बाकी है कि तूफान के बाद फर्नांडो अलेक्जेंडर के लिए शांति आएगी या नहीं। परीक्षाएं छात्रों और राजनेताओं के बीच गहन चर्चा का विषय थीं। फर्नांडो अलेक्जेंडर पर इस संकट को संभालने का भारी दबाव था। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि आगे क्या होता है और फर्नांडो अलेक्जेंडर इस स्थिति से कैसे निपटते हैं। यह स्थिति उनकी राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।