लेखिका लुइसा कोस्टा गोम्स ने अपनी नई पुस्तक "डिवर्टिमेंटोस" में उन शब्दों पर ध्यान केंद्रित किया है जो प्रचलन से बाहर हो गए हैं। ये शब्द थोड़े अजीब हो सकते हैं, लेकिन इनकी ध्वनि आकर्षक है। लेखिका का मानना है कि शब्दकोश केवल विवादों को सुलझाने का उपकरण नहीं है, बल्कि यह भाषा और संस्कृति का भंडार है। पुस्तक में, गोम्स इन विस्मृत शब्दों के सौंदर्य और महत्व को उजागर करती हैं। यह पाठकों को भाषा के प्रति एक नया दृष्टिकोण अपनाने और शब्दों की शक्ति को समझने के लिए प्रेरित करती है। "डिवर्टिमेंटोस" भाषा के खोए हुए खजानों को फिर से खोजने का एक प्रयास है। यह पुस्तक भाषाविज्ञान और साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष रूप से रुचिकर होगी।
