पुर्तगाल की विश्व कप में उम्मीदें पूरी नहीं हो पाईं और टीम निराशाजनक प्रदर्शन के साथ बाहर हो गई। खिलाड़ियों के नामों को लेकर भ्रम और कमजोर खेल के कारण टीम ‘सोलर डॉस प्रेसुंतोस’ में अपनी छाप छोड़ने में विफल रही। ह्यूस्टन में पुर्तगाली प्रशंसकों को ढूंढना भी मुश्किल है, जो टीम के समर्थन में कम उपस्थिति को दर्शाता है। टीम का प्रदर्शन इतना खराब था कि इसे ‘यूरोमिलियंस’ जीतने से भी कठिन बताया जा रहा है। यह परिणाम पुर्तगाली फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका है। टीम की इस विफलता से प्रशंसकों में निराशा का माहौल है और भविष्य में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। कुल मिलाकर, पुर्तगाल का विश्व कप अभियान उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।