राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान (INE) ने मई महीने में मुद्रास्फीति दर ३.३ प्रतिशत पर स्थिर रहने की पुष्टि की है। यह दर पहले २९ मई को जारी किए गए प्रारंभिक अनुमान के अनुरूप है। INE के अनुसार, यह स्थिरता उपभोक्ता मूल्यों में बदलाव की गति धीमी होने का संकेत देती है। हालांकि, यह अभी भी सरकार के लक्ष्य से थोड़ा अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की कीमतों और वैश्विक आर्थिक स्थिति का इस स्थिरता पर प्रभाव रहा है। आगे आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति की दिशा वैश्विक बाजार और घरेलू नीतियों पर निर्भर करेगी। यह आंकड़ा अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।