राजनीतिक दलों पर 1.4 मिलियन यूरो का जुर्माना बकाया है, लेकिन अभियोजन कार्यालय (PGR) और लेखा परीक्षा इकाई (Entidade das Contas) यह जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं कि यह राशि कौन चुकाना है। पारदर्शिता की कमी के कारण यह सवाल उठ रहा है कि दलों के वित्तीय खातों का प्रबंधन कैसे किया जा रहा है। विशेष रूप से, सोशलिस्ट पार्टी (PS) अभी भी कानूनी कार्यवाही का सामना कर रही है। यह स्थिति राजनीतिक वित्तपोषण में जवाबदेही और पारदर्शिता की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है। बकाया राशि की जानकारी छिपाने से जनता का विश्वास कम हो सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। यह पारदर्शिता राजनीतिक दलों के कामकाज में जनता के भरोसे को बहाल करने में मदद करेगी।