नार्वे की राजनीति में, फ्रि progres पार्टी (Frp) और रेड पार्टी (Rødt) दोनों ही दिखावे और प्रचार पर अधिक ध्यान केंद्रित करती हैं। दोनों दलों के लिए सार्वजनिक छवि और राजनीतिक पोजिशनिंग महत्वपूर्ण है, नीतिगत मुद्दों से ज़्यादा। विश्लेषकों का मानना है कि ये पार्टियां वास्तविक मुद्दों पर ठोस समाधान खोजने के बजाय, जनता के सामने एक खास छवि पेश करने में अधिक ऊर्जा लगाती हैं। इस प्रवृत्ति के कारण, दोनों दलों की नीतियों में अक्सर विरोधाभास देखने को मिलता है। यह स्थिति नार्वे की राजनीतिक बहस में एक महत्वपूर्ण आयाम जोड़ती है, जहां शैली और प्रस्तुति, सामग्री से अधिक प्रभावी हो सकती है। इस तरह की राजनीति से मतदाताओं में भ्रम और निराशा भी पैदा हो सकती है।