एक नए अध्ययन में, जोड़ों के दर्द के लिए आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले एक सप्लीमेंट और डिमेंशिया के बढ़ते जोखिम के बीच संभावित संबंध पाया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि इस सप्लीमेंट के लंबे समय तक उपयोग से संज्ञानात्मक गिरावट का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, यह अध्ययन केवल एक संबंध दर्शाता है, कार्य-कारण नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस निष्कर्ष की पुष्टि के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है। मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे अपने डॉक्टर से परामर्श किए बिना कोई भी दवा या सप्लीमेंट लेना बंद न करें। अध्ययन के परिणाम डिमेंशिया के जोखिम कारकों को समझने में मदद कर सकते हैं और भविष्य में निवारक रणनीतियों को विकसित करने में योगदान कर सकते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह अध्ययन प्रारंभिक है और इसके निष्कर्षों को सावधानीपूर्वक व्याख्या किया जाना चाहिए।