पोप लियोन XIV ने एक बार फिर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि प्रौद्योगिकी को हमेशा मानव विकास के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए, न कि इसके विपरीत। उन्होंने एल्गोरिदम द्वारा निर्णय लेने की संभावना पर चेतावनी दी, और स्पष्ट कानून बनाने का आग्रह किया। पोप ने "सबसे धनी राष्ट्रों के सूक्ष्म प्रभुत्व" के बारे में भी आगाह किया, जिससे वैश्विक असमानता बढ़ने का खतरा है। उनका मानना है कि तकनीक का उपयोग सभी के लिए समावेशी और फायदेमंद होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि प्रौद्योगिकी का विकास समग्र मानव विकास को बढ़ावा देना चाहिए। यह बयान प्रौद्योगिकी के नैतिक पहलुओं पर बढ़ती बहस के बीच आया है।