पोप फ्रांसिस ने शनिवार को लैम्पेडुसा द्वीप का दौरा किया, जो अफ्रीका से संघर्ष और गरीबी से भागने वाले प्रवासियों की पीड़ा का प्रतीक बन गया है। उन्होंने खुले आसमान के नीचे एक मास के दौरान यूरोपीय देशों से आग्रह किया कि वे जरूरतमंद शरणार्थियों को सहायता प्रदान करें। पोप ने साथ ही यह भी कहा कि यूरोप को एक दीर्घकालिक योजना विकसित करनी चाहिए जिससे लोगों को दक्षिण से यूरोप में पलायन करने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने अमेरिका के निर्माण और विकास में प्रवासियों के योगदान को भी याद किया। यह दौरा भूमध्य सागर में प्रवासियों की कठिन यात्रा और मानवीय संकट पर प्रकाश डालता है। पोप ने इस मुद्दे पर तत्काल और ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों से बचा जा सके। उनका संदेश प्रवासियों के प्रति करुणा और एकजुटता का आह्वान है।

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