पोप फ्रांसिस ने प्रवासियों से आग्रह किया है कि वे जिस देश में शरण लेते हैं, उसके कानूनों का सम्मान करें और समाज में सक्रिय रूप से योगदान दें। उन्होंने प्रवासियों को अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को कृतज्ञतापूर्वक साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। पोप ने मानव तस्करों को तत्काल अपनी गतिविधियाँ रोकने का आदेश दिया, उनकी क्रूरता की निंदा करते हुए कहा कि वे लोगों का शोषण करते हैं। यह संदेश उन प्रवासियों को संबोधित था जो इटली पहुंचे हैं, लेकिन यह सभी देशों में प्रवासियों पर लागू होता है। पोप फ्रांसिस ने मानवीय गरिमा और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रवासियों के प्रति स्वागत और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया। यह बयान प्रवासन संकट और मानवीय सहायता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।