पोप फ्रांसिस ने कैनरी द्वीप समूह के आर्ग्यूइनगुइन घाट पर दिए गए एक भाषण में यूरोप की आप्रवासन नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मानवीय गरिमा की बात करते हुए समुद्रों को कब्रगाह नहीं बनने दिया जा सकता। पोप ने भूमध्य सागर में डूबने वाले प्रवासियों की ओर इशारा करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने यूरोपीय देशों से शरणार्थियों और प्रवासियों के प्रति अधिक मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। यह बयान यूरोप में आप्रवासन संकट के बीच आया है, जहाँ भूमध्य सागर में खतरनाक यात्राएँ करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है। पोप फ्रांसिस ने पहले भी आप्रवासियों के अधिकारों की वकालत की है और यूरोपीय नेताओं से एकजुटता दिखाने का आह्वान किया है।