पोप लियोन XIV ने प्रवासियों की संरक्षक संत फ्रांसिस्का जेविएरा कैब्रिनी के नाम से बने चर्च का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रवासन का स्वरूप बदल गया है और यह पहले से कहीं अधिक जटिल हो गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जटिलता चर्च के लिए चुनौती कम नहीं करती। पोप ने प्रवासन की वर्तमान स्थिति को महत्वपूर्ण बताते हुए चर्च की भूमिका पर जोर दिया। यह दौरा प्रवासियों के प्रति पोप की संवेदनशीलता और समर्थन को दर्शाता है। चर्च, प्रवासियों के अधिकारों और कल्याण के लिए लगातार काम कर रहा है। यह घटना 'एल नैशनल' समाचार पत्र में प्रकाशित हुई थी।
